रोहतक, 2 मई : स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत रिडूस, रिव्यू, रिसाइकिल (आरआरआर) को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रि-शेयर रोहतक अभियान का आज स्थानीय लाल नाथ हिन्दू कॉलेज से औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य संसाधनों के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना, जिम्मेदार उपभोग को प्रोत्साहित करना तथा जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना है।
कार्यक्रम का आयोजन यूथ रेड क्रॉस यूनिट, कॉलेज प्रशासन एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। महाविद्यालय परिसर को ‘री-यूज सेंटर’ के रूप में विकसित करते हुए विद्यार्थियों ने सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में उपयोगी पुराने कपड़े, स्कूल बैग, पुस्तकें एवं अन्य घरेलू सामग्री स्वैच्छिक रूप से एकत्रित की गई। एकत्रित सामग्री का मौके पर ही वर्गीकरण एवं गुणवत्ता जांच कर उसे जरूरतमंदों तक सम्मानजनक ढंग से पहुंचाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
इस अवसर पर उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुएं किसी अन्य के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बन सकती हैं। रि-शयर रोहतक इसी सोच को व्यवहार में उतारने का अभियान है, जहां ‘वेस्ट’ नहीं बल्कि ‘रिसोर्स’ देखा जाए। उन्होंने युवाओं से आरआरआर को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने और जिम्मेदार उपभोग अपनाने का आह्वान किया। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिशेष से आवश्यकता तक एक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण तंत्र स्थापित करना है, जिससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके, जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। उन्होंने घोषणा की कि रि-शेयर रोहतक अभियान को जिला के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक संस्थान सामाजिक जिम्मेदारी और सतत विकास का केंद्र बन सके। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मोबाइल कलेक्शन सिस्टम (मोबाइल आरआरआर वाहन) भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से घर-घर एवं विभिन्न संस्थानों से उपयोगी सामग्री एकत्रित की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत सामग्री के संग्रहण से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। इसमें सामग्री का वर्गीकरण, सत्यापन, पैकेजिंग तथा आवश्यकतानुसार लक्षित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही लाभार्थियों की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में उपलब्ध उपयोग योग्य वस्तुओं जैसे कपड़े, पुस्तकें, बैग आदि का दान करें, फेंकने की बजाय पुन: उपयोग की आदत अपनाएं तथा इस जन-अभियान से जुडक़र जरूरतमंदों की सहायता करें। रि-शेयर रोहतक अभियान जिला को स्वच्छ, संवेदनशील एवं सतत विकास की दिशा में आगे ले जाने वाला एक मॉडल साबित होगा, जहां ‘री-यूज’ एक आदत और साझेदारी एक सशक्त सामाजिक संस्कृति के रूप में विकसित होगी।





