Success Story : कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है जो मेहनत करना जानते है वो एक न एक दिन सफल जररू होते है। पुणे में बीए कम्युनिकेशन की 19 वर्षीय छात्रा गौरी एम की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। गौरी को किसी पारंपरिक जॉब एप्लीकेशन या एमबीए डिग्री के बिना ही ऑटोमोबाइल दिग्गज बीएमडब्ल्यू (BMW) ग्रुप से सीधे फुल-टाइम मार्केटिंग रोल का जॉब ऑफर मिला है। उन्होंने किसी भी पद के लिए आवेदन नहीं किया था, बल्कि रिक्रूटर्स ने लिंक्डइन और इंस्टाग्राम पर उनकी मजबूत पर्सनल ब्रांडिंग को देखकर खुद उनसे संपर्क किया।
गौरी सोशल मीडिया पर लगातार क्रिएटिव मार्केटिंग आइडियाज और टाटा मोटर्स जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए स्वतंत्र कैंपेन कॉन्सेप्ट्स साझा करती थीं। उनके इसी हुनर और विजिबिलिटी को देखकर उन्हें एक ही हफ्ते में कई ऑफर मिले। हालांकि, अपनी आगे की पढ़ाई और करियर प्राथमिकताओं के कारण उन्होंने इस रोल को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनकी इस सफलता ने कॉरपोरेट जगत में डिग्री बनाम कौशल (Skills) और डिजिटल पोर्टफोलियो की अहमियत पर एक नई बहस छेड़ दी है।





