हिसार, 22 मई।
हांसी क्षेत्र के गाँव कुतुबपुर निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता राहुल शर्मा द्वारा समाज में जागरूकता की जो अलख जगाई गई थी, वह आज राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच चुकी है। नशा मुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता को लेकर शुरू किया गया यह अभियान अब लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।राहुल शर्मा ने बताया कि फार्मेसी शिक्षा के दौरान सिविल अस्पताल हिसार में प्रशिक्षण लेते समय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से समाजकार्य विषय में स्नातक की पढ़ाई करते हुए उनके भीतर सामाजिक सेवा की भावना जागृत हुई। उन्होंने अपने मामा अनिल शर्मा, शिक्षक प्रोफेसर बलकार सिंह पुनिया एवं शिक्षिका अमरजीत कौर से प्रेरणा लेकर समाज को नशे जैसी गंभीर बुराई से बचाने का संकल्प लिया।
उन्होंने इस अभियान की शुरुआत अपने गाँव कुतुबपुर से की। धीरे-धीरे यह जागरूकता अभियान गांवों, स्कूलों, हांसी शहर और आसपास के क्षेत्रों तक पहुँचने लगा। युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से अभियान लगातार मजबूत होता गया। उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें एसडीएम हांसी द्वारा प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। राहुल शर्मा ने बताया कि इसके बाद उन्होंने हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के रूप में निशुल्क सामाजिक सेवा का कार्य किया। युवाओं के सहयोग से उन्होंने नशा मुक्ति, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े अनेक अभियान चलाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में स्वास्थ्य विभाग में जिला सुकून काउंसलर के पद पर चयनित होने के बाद भी उन्होंने अपनी ड्यूटी के अतिरिक्त समय में नशा मुक्ति अभियान जारी रखा। वर्ष 2020 में हरियाणा सरकार द्वारा नशा मुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद भारत सरकार के केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” में उन्हें मास्टर वालंटियर के रूप में जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सहयोग से इस अभियान को केवल जिला स्तर तक सीमित न रखते हुए पूरे हरियाणा में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है। वह प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति निशुल्क जागरूक कर रहे हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उन्हें अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों को साझा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) द्वारा प्रकाशित रिसर्च बुक में उन्हें “द रियल चेंज मेकर” के रूप में प्रकाशित कर सम्मानित किया गया। वर्तमान में वह स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, ग्राम सभाओं तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों लोगों को जागरूक कर चुके हैं। अब तक 400 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लाखों युवाओं को नशा न करने की शपथ दिलाई जा चुकी है। राहुल शर्मा ने बताया कि उन्होंने लीड इंडिया एवं नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के सहयोग से ऑनलाइन यूथ लीडरशिप प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है तथा अन्य युवाओं द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक अभियानों में भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
अभियान से प्रेरित होकर अन्य युवा भी कर रहे सामाजिक कार्य : राहुल शर्मा के अभियान से प्रेरित होकर अन्य युवा भी समाज में जागरूकता फैलाने के लिए आगे आ रहे हैं। गाँव कुतुबपुर निवासी जयबीर तुरकिया रक्तदान जागरूकता अभियान चलाकर जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध करवाने में सहयोग कर रहे हैं। वहीं भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हरपाल कसाना गांव के युवाओं एवं बच्चों को कुश्ती और कबड्डी का निशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वस्थ एवं मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा तहसील सिवानी के गाँव बड़वा निवासी जितेंद्र शर्मा बेंगलुरु में “टेक अ राइड” एवं “एक्सपोज फेक मूवर्स” अभियान चलाकर सोशल मीडिया एवं पोस्टरों के माध्यम से आमजन को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता अभियानों से प्रेरित होकर युवा समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आगे आ रहे हैं और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।





