भिवानी, 02 जुलाई। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव पवन कुमार ने गुरुवार को जिले के नशा मुक्ति केंद्र तथा सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, उपचार व्यवस्था, परामर्श सेवाओं एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, उपचार की प्रगति, दैनिक दिनचर्या तथा काउंसलिंग सत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों को नशे से दूर रहकर नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से कमजोर बना देती है, इसलिए इससे दूर रहना ही बेहतर जीवन का आधार है।
उन्होंने केंद्र के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर उपचार, प्रभावी काउंसलिंग तथा पुनर्वास की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे स्वस्थ होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
इसके बाद सीजेएम पवन कुमार ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अस्थायी आवास तथा पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा या किसी भी प्रकार की प्रताडऩा की शिकार महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील और गोपनीय सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी गरिमा और सम्मान की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय एवं सहायता पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से दोनों संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और जरूरतमंदों को समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नशा मुक्ति केंद्र और सखी वन स्टॉप सेंटर का सीजेएम पवन कुमार ने किया औचक निरीक्षण
On: July 2, 2026 5:59 PM





