फरीदाबाद, 03 जुलाई।
हरियाणा सरकार में राजस्व एवं शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने आज सेक्टर-14 गोलचक्कर स्थित लेबर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में “क्रम में श्रम” टोकन आधारित लेबर चौक मैनेजमेंट प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “क्रम में श्रम” व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक श्रमिक को समान अवसर उपलब्ध कराना है। यह केवल एक नई व्यवस्था नहीं, बल्कि श्रमिकों के सम्मान, सुशासन और पारदर्शी रोजगार प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि अब लेबर चौकों पर कार्य आवंटन पूरी तरह टोकन आधारित और व्यवस्थित तरीके से होगा। यदि किसी दिन 250 श्रमिक कार्य के लिए आते हैं और उनमें से 200 श्रमिकों को रोजगार मिलता है, तो अगले दिन कार्य आवंटन की शुरुआत शेष बचे 50 श्रमिकों से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी श्रमिक लगातार रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे तथा सभी को समान अवसर प्राप्त हों।
उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी होगा कि यदि कोई ठेकेदार किसी श्रमिक को कार्य पर लेकर जाता है और निर्धारित समय पर उसका पारिश्रमिक नहीं देता, तो इस व्यवस्था के माध्यम से उसकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक श्रमिक को उसके कार्य का उचित और समय पर भुगतान मिले, इसके लिए प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाया गया है।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि किसी भी राज्य और देश की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उद्योग, निर्माण, व्यापार और विकास की हर इमारत उनके परिश्रम पर खड़ी होती है। इसलिए हरियाणा सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि “क्रम में श्रम” के माध्यम से श्रमिकों का पंजीकरण, कार्य आवंटन एवं संपूर्ण श्रम प्रबंधन तकनीक आधारित, डिजिटल और पारदर्शी होगा। इससे लेबर चौकों पर व्याप्त अव्यवस्था समाप्त होगी, अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी तथा प्रत्येक श्रमिक को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर चलते हुए श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक वृद्धि लागू की है तथा ठेका एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को भी इसका लाभ सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘श्रम मित्र’ मोबाइल ऐप के माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं को डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है तथा लेबर चौकों का आधुनिकीकरण कर उन्हें अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और श्रमिक हितैषी बनाया जा रहा है। “क्रम में श्रम” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिक परिवारों के समग्र विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता, किताबें एवं ड्रेस खरीदने हेतु वित्तीय सहयोग सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, ताकि श्रमिक परिवार सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त होंगे, तभी विकसित हरियाणा का सपना साकार होगा। हरियाणा सरकार इसी संकल्प के साथ श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है और “क्रम में श्रम” इस दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है।
इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र धवन, कुलदीप साहनी, सचिन शर्मा, प्रियंका बिष्ट बुधानी, ज्योति सिलानी, मुकेश अग्रवाल, अजीत नंबरदार, सुभाष आहूजा, शुभांकित गुप्ता, अनुराग गर्ग सहित अनेक गणमान्य नागरिक, वरिष्ठजन, सामाजिक प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।





