झज्जर, 01 मई। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि समाधान शिविर जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए अधिकारियों को इसकी गंभीरता को समझते हुए हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना होगा। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित साप्ताहिक समाधान शिविर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान डीसीपी दीप्ति गर्ग भी उपस्थित रही।
डीसी ने कहा कि शिविरों में प्राप्त हर शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जाए और किसी भी स्तर पर उसे लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि समाधान की अद्यतन रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में सीटीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक समाधान शिविरों में प्राप्त कुल 5950 शिकायतों में से केवल 213 पेंडिंग है।
डीसी ने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना है। ऐसे में कोई भी विभागीय अधिकारी शिकायतों को लंबित न रखें और पूर्ण जांच के बाद ही समाधान दर्ज करें, जिससे बार-बार शिकायतों के री-ओपन होने की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान में री-ओपन हुई शिकायतों पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसी ने कहा कि समाधान प्रकोष्ठ पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की प्रत्येक शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उच्चस्तरीय समीक्षा की जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी स्वयं भी समय-समय पर शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जिससे शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण को सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरान सीईओ जिला परिषद मनीष फोगाट, सीटीएम रीतू बंसीवाल, डीआरओ मनबीर सिंह, डीडीपीओ निशा तंवर, एसीपी अनिरुद्ध चौहान, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सुमित कुमार, सभी बीडीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।





