झज्जर , 06 जुलाई।
डीसी वर्षा खंगवाल ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस कार्य में किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डीसी सोमवार को जिला स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजर सर्वेक्षण समिति बैठक
की अध्यक्षता कर रही थीं।
उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों तथा जिला में किए जा रहे सर्वेक्षण एवं सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी श्वेता शर्मा ने डीसी का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा मैनुअल स्कैवेंजर सर्वेक्षण की प्रगति से अवगत कराया।
डीसी वर्षा खंगवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा औद्योगिक इकाइयों में बने सेप्टिक टैंकों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सभी सफाई कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसके अलावा जिले में खुले पड़े सभी बोरवेलों को प्राथमिकता के आधार पर बंद कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
डीसी ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने बैठक में उपस्थित गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा, जागरूकता बढ़ाने तथा इस कुप्रथा के उन्मूलन में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एडीसी जगनिवास,जिला परिषद के सीईओ मनीष फौगाट, एसीपी अखिल कुमार,संघर्षशील जनकल्याण सेवा समिति से नरेंद्र धनखड़ सहित अन्य अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद रहे।





