रोहतक, 25 जून। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि बागवानी विभाग द्वारा किसानों को बागवानी फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जाये। किसान कृषि के साथ-साथ बागवानी फसलें अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बागवानी फसलों में अच्छा कार्य करने वाले किसानों की ब्रांडिंग करवाई जाये तथा ऐसे किसान के उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए विभागों में विशेष स्टॉल लगाये जाये।
सचिन गुप्ता स्थानीय कैंप कार्यालय में बागवानी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसानों को शिविरों के माध्यम से बागवानी फसलों, आधुनिक तकनीकों तथा केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में निरंतर जागरूक किया जाये। उन्होंने जिला में बागवानी फसलों के विस्तार एवं कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक हिदायतें दी। कृषि विविधीकरण एवं बागवानी गतिविधियों के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि सांझा बाजार के माध्यम से किसानों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष मंच उपलब्ध करवाया जायेगा। बैठक में रोहतक रियल हॉर्टिकल्चर एफपीओ को सांझा बाजार के स्टॉल नंबर-3 पर किसानों द्वारा उत्पादित मसाले एवं शहद की बिक्री की अनुमति प्रदान की गई। इससे किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा और उनके उत्पादों की पहचान बढ़ेगी।
मरोधी जट्टान गांव के साथ-साथ बनियानी गांव को भी मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जायेगा।
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– माडौदी जाटान में आयोजित किये गए विशेष जागरूकता शिविर :-
सचिन गुप्ता ने कहा कि माडौदी जाटान गांव में विभाग द्वारा की गई गतिविधियों की जानकारी ली। विभाग द्वारा गांव में तीन विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में किसानों को बांस स्टैकिंग, संरक्षित खेती, मशरूम उत्पादन, माइक्रो इरिगेशन तथा प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई। गांव के सात किसानों ने मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, फूलों की खेती तथा बीज उत्पादन संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त करने में रुचि दिखाई है।
विभाग के सर्वे के अनुसार गांव में धान-गेहूं, सरसों एवं गन्ना प्रमुख फसलें हैं, जबकि लौकी, बैंगन, टमाटर, भिंडी, फूलगोभी, मिर्च एवं अन्य सब्जियों की खेती भी की जा रही है। गांव में 50 एकड़ में फलोद्यान, 15 एकड़ में फूलों की खेती, 100 एकड़ में सब्जी की खेती तथा एक एकड़ में संरक्षित खेती की जा रही है। विभाग द्वारा गांव में 522 एकड़ भूमि विविधीकरण के लिए चिन्हित की गई है। ककराना रोड के समीप 522 एकड़ भूमि को फसल विविधीकरण के लिए उपयुक्त पाया गया है। यहां नहरी सिंचाई उपलब्ध है तथा मिट्टी दोमट प्रकार की है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लगभग 160 एकड़ क्षेत्र पहले से कवर किया जा चुका है।
इसके अलावा विभाग द्वारा विभिन्न खंडों में किसानों को जागरूक करने के लिए कुल 72 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को बागवानी फसलों, आधुनिक तकनीकों तथा हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की जा रही अनुदान योजनाओं की जानकारी दी गई तथा किसानों को सब्जी उत्पादन, फलोद्यान, फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, सूक्ष्म सिंचाई तथा प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर मंडल मृदा संरक्षण अधिकारी नीना सहवाग, कृषि उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, जिला उद्यान अधिकारी मदन लाल, जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा, पशुपालन उप निदेशक डॉ. नरेंद्र दहिया, एसडीएओ संदीप सिंह, एसटीओ डॉ. अनिल अहलावत व दिलबाग सिंह, दीपक सिंह, भावना, अमित, नितेश, विनोद कुमार, मेघा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिला में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान जरूरी :- उपायुक्त सचिन गुप्ता
On: June 25, 2026 9:01 PM





