चंडीगढ़, 16 जुलाई। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने वीरवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 17 जुलाई को प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम बनने के बाद ये मोदी का हरियाणा का 18वाँ दौरा है। जब ओम प्रकाश चौटाला मुख्यमंत्री थे तब वे यहां के प्रभारी रहे हैं। एसवाईएल को लेकर हरियाणा के हक में फैसला आया था, उसी वक्त भी मोदी हरियाणा के प्रभारी थे। भाजपा की सरकार बने हुए 11 साल से ज्यादा हो गए लेकिन बीजेपी के लोगों ने उनके सामने कभी मुद्दा नहीं उठाया। ना मनोहर लाल ने और न ही नायब सैनी ने सीएम रहते हुए प्रधानमंत्री के सामने कभी एसवाईएल का मुद्दा उठाया। आज इनेलो की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चि_ी लिखी है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि हरियाणा से विशेष लगाव है, तो हरियाणा को एसवाईएल का पानी दिलवाए। ओपी चौटाला साहब किसान के हक की बात जानते थे, इसलिए वे लगातार आवाज उठाते रहे। पहले 2002, फिर 2004 में हमारे हक में फैसला आया। एसवाईएल कुल 214 किलोमीटर की नहर है ये, 122 किलोमीटर पंजाब में है, 92 किलोमीटर हरियाणा में है। हरियाणा में तो नहर बन गई, पंजाब में बनवाने की जिम्मेदारी केंद्र की थी। जब मैं नेता विपक्ष था तब गडकरी से मिला, राजनाथ से मिला। मुख्यमंत्री को कहा कि जो भी फैसला लोगे हम साथ हैं। हम इसको लेकर राष्ट्रपति से भी मिले, वो भी हमारी बात से सहमत थे कि हरियाणा को पानी मिलना चाहिए। लेकिन भाजपा नहीं चाहती थी कि हरियाणा को पानी मिले। एसवाईएल का पानी तो दिलवाया नहीं, लेकिन दादुपुर नलवी नहर जो बनी थी, उसे भी बीजेपी ने डिनोटिफाई कर दिया। दादूपुर नलवी नहर से यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और अंबाला में भूमिगत जल में सुधार होना था। बारिश के दिनों में यमुना नदी का अतिरिक्त पानी दादुपुर नलवी नहर में छोड़ जाना था। लेकिन जब हाई कोर्ट ने नहर अधिग्रहण की जमीन का मुआवजा बढ़ाया तो हरियाणा सरकार ने नहर को डीनोटिफाई कर दिया। खुद हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उन्हें नहर की जरूरत नहीं है। ये सब इसलिए कहा था ताकि किसानों को ज्यादा मुआवजा न देना पड़े। दादुपुर नलवी नहर का कुछ क्षेत्र इनेलो सरकार के टाइम में बना, कुछ कांग्रेस के समय बना।
प्रेस वार्ता में इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, प्रदेश प्रवक्ता डा. सतबीर सैनी और पार्टी कार्यालय सचिव नछत्तर सिंह मलहान मौजूद रहे।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि अब एक बार फिर यह राजस्थान के साथ समझौता कर हरियाणा के किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। इससे पहले 1994 में कांग्रेस ने राजस्थान में राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए यह समझौता किया था। लेकिन इनेलो ने इसे लागू नहीं होने दिया था। इनेलो राजस्थान के साथ हुए जल समझौते को अभी भी लागू नहीं करने देगी। जिस दिन पानी देने के लिए पाइप बिछाने का काम शुरू किया जाएगा इनेलो डटकर विरोध करेगी। किसी भी कीमत पर पाइपलाइन बिछाने नहीं दी जाएगी। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हैं कि वह एसवाईएल नहर को जल्द से जल्द बनवाए। साथ ही दादुपुर नलवी नहर को भी दोबारा शुरू करवाएं।
अभय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। पंजाब और हरियाणा में डमी मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री को मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री को अरविंद केजरीवाल चला रहे हैं। जब तक मनोहर लाल और अरविंद केजरीवाल की बैठक नहीं होगी, तब तक एसवाईएल का मुद्दा नहीं सुलझेगा। हिसार जिले के चैनत गांव का हवाला देते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एक बार फिर साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री नायक सैनी डमी मुख्यमंत्री है। मुख्यमंत्री नायक सैनी पहले कहते थे कि अमृत योजना के तहत हांसी के लिए जो पाइपलाइन बन रही है उसमें टी प्वाइंट नहीं लग सकती। नायब सैनी ने टी लगावा भी दी लेकिन मनोहर लाल ने उसे हटवा दिया। जब इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट दी कि यदि चैनत गांव का धरना समाप्त नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री का जींद कार्यक्रम रद्द हो सकता है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल हांसी पहुंचे और टी पॉइंट लगाने की मंजूरी देकर धरना खत्म करवाया। सच्चाई यह है कि किसी भी राज्य में उसका मुख्यमंत्री और मंत्री ही इस तरह का फैसला कर सकते हैं। केंद्र सरकार का कोई मंत्री हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा ने हांसी बुटाना नहर बनाकर भी जनता के 600 करोड रुपए बर्बाद कर दिए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दक्षिण हरियाणा में मजबूत पकड़ बनाने के लिए नहर का निर्माण करवा दिया। लेकिन इसमें पानी लाने के लिए बीबीएमबी, सीडब्लूसी और पंजाब सरकार से कोई बातचीत नहीं की। हुड्डा की गलती के चलते आज हांसी बुटाना नहर मानसून सीजन में लोगों के लिए परेशानी बन गई है।
कांग्रेस शासन में लाखों एकड़ जमीनों के सीएलयू किए गए यह बहुत बड़ा घोटाला था। सीडी कांड हुआ जिसमें स्टिंग ऑपरेशन में कांग्रेस नेता कैमरे पर रुपयों के लेन देन की बात करते पकड़े गए। अब उनमें से बीजेपी के विधायक भी हैं। भूपेंद्र हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते जितने भी घोटाले हुए उनकी 200 पेजों की एक चार्जशीट सबूतों के साथ मनोहर लाल खट्टर को विधानसभा में दी गई। मनोहर लाल खट्टर ने उस चार्जशीट का अध्ययन करने और कार्रवाई करने का आश्वासन सदन में दिया था। लेकिन आज तक भूपेंद्र हुड्डा पर किसी भी भ्रष्टाचार के मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साबित होता है कि दोनों मिले हुए हैं।
बीजेपी शासन में दो दर्जन से अधिक बड़े घोटाले हुए हैं। यह साफ है कि ये घोटाले बीजेपी सरकार की शह पर किए गए। शराब घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला, आईडीएफसी बैंक घोटाला, भर्ती घोटाला, पेपर लीक घोटाला, धान घोटाला, गेहूं घोटाला, कूड़ा घोटाला, अवैध खनन, अवैध कॉलोनियां काटने समेत श्रम विभाग में 1500 करोड़ रुपए का घोटाला खुद मंत्री अनिल विज ने उजागर किया। बीजेपी के केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने भरी सभा में बीजेपी विधायकों की मौजूदगी में हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे। बीजेपी ने भी हरियाणा के हितों को बेचा। इनेलो दोनों पार्टियों से अलग है और केवल इनेलो ही हरियाणा हित की लड़ाई लड़ रहा है।
बीजेपी नहीं चाहती एसवाईएल का पानी हरियाणा को मिले: चौधरी अभय सिंह चौटाला
On: July 16, 2026 5:43 PM





