चंडीगढ़, 30 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा जहां लोगों को सभी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मिलेंगी और किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं, बजट घोषणाओं तथा संकल्प पत्र के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए हरियाणा के शहरों को अगले 5 साल में विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए गुरुग्राम व फरीदाबाद में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत 24 घंटे पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, शहरी क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए बहुभाषी टच स्क्रीन लगवाई जाएंगी, शहरी क्षेत्रों में फ्री वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए उन्होंने जल्द ही टेंडर आदि करके आगामी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि शहरवासियों के लिए ‘एकीकृत सुपर ऐप’ विकसित किया जा रहा है। इसे प्रोपर्टी आईडी के साथ लिंक किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति इस ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टाल करके न केवल प्रोपर्टी टैक्स व पानी के बिलों की अदायगी कर सकेगा बल्कि नगर निकाय से संबंधित समस्याओं का समाधान भी करवा सकेगा। इसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नागरिक को इस ऐप के माध्यम से अन्य विभागों की सेवाओं के लिंक भी उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिगत जलस्तर में सुधार के लिए बरसाती पानी को जमींदोज करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए जाएं। सभी सरकारी भवनों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में 250 गज से अधिक के मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि गुरुग्राम में 120 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए गए हैं। इसके साथ ही 50 नगर निकायों में 300 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी जल्द लगवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में मानसून के समय अधिक जलभराव होता है वहां बड़े स्तर पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करवाए जाएं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मानसून सीजन के दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में ‘एक पेड़-मां के नाम’ योजना के तहत एक लाख पौधे लगाए जाएं और इनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड तथा पानी आदि देने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके तहत 20 हजार पेड़ अकेले गुरुग्राम जिले में लगवाए जाएंगे। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दीवारों पर पेंटिंग करवाने, सौंदर्यीकरण करवाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने, पेड़ों की टहनियों की ट्रिमिंग करवाने तथा फुटपाथ के साथ खाली जमीन पर टाईलें लगवाने के संबंध में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर व अंबाला में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसे अति महत्वपूर्ण बताते हुए यह कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्लांट से एक तरफ जहां कूड़े का निस्तारण हो सकेगा वहीं इनसे खाद और बिजली भी उत्पादित होगी। उन्होंने रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर और यमुनानगर में अर्बन ड्रेनेज कार्य की भी समीक्षा की और इनके संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत शहरों को विदेशी शहरों के साथ मिलकर ‘सिस्टर सिटी’ योजना के तहत थीम बेस्ड सिटी बनाने और वहां की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को इन जिलों में लागू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने हरियाणा में चुने हुए प्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र खोलने, शहरी क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार नए शौचालय का निर्माण करवाने, दिव्यांगजनों के अनुकूल पार्क बनवाने तथा शहरों के पिछड़े क्षेत्रों में मोबाइल क्लीनिक की सुविधा शुरू करवाने के भी आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शहरी क्षेत्रों में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की जरूरत है ताकि आमजन को सुविधा हो सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में नमो सिटी के नाम से 5000 एकड़ में ग्रीन फिल्ड सिटी विकसित की जाएगी। इसके केएमपी के साथ लगते क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को उचित जगह चिह्नित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पिंजौर में वैडिंग सिटी के निर्माण के संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक हिदायतें दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा वैध की गई कालोनियों के निवासियों को पानी, बिजली व गली जैसी प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई अवैध कॉलोनी न पनपने दी जाए। इस पर आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि प्रदेश में वैध कालोनियों में 838 करोड़ के कार्य करवाए जाएंगे। इसके लिए कई जिलों में टेंडर किए जा चुके हैं और कई जिलों में टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।





