झज्जर, 25 जून। डीसी वर्षा खांगवाल ने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम को लेकर जिला के सभी नर्सिंग होम, सिनेमा हॉल, पीजी, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पतालों, बैंक्वेट हॉल,
गोशालाओं एवं अन्य संस्थान संचालकों से अग्नि सुरक्षा उपायों का गंभीरता से पालन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए प्रत्येक संस्थान में आवश्यक अग्निशमन उपकरणों का उपलब्ध और सुचारू रूप से कार्यशील होना बेहद जरूरी है।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते विद्युत उपकरणों के उपयोग और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा के दृष्टिगत अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सुरक्षा संसाधनों की नियमित जांच सुनिश्चित करें अधिकारी
डीसी ने कहा कि प्रत्येक संस्थान में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
वाणिज्यिक संस्थानों में समय समय पर हो सुरक्षा उपकरणों की जांच
डीसी ने कहा कि केवल उपकरण स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय-समय पर उनकी जांच, रखरखाव और कर्मचारियों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण देना भी आवश्यक है। संस्थान संचालकों को चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं से अवगत करवाएं।
उन्होंने कहा कि आगजनी की अधिकांश घटनाएं लापरवाही, शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती हैं। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने सभी संस्थानों से सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी निभाने और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।
आगजनी की रोकथाम को लेकर जरूरी सुरक्षा उपाय रखना जरूरी
डीसी वर्षा खांगवाल ने सभी व्यवसायिक संस्थान संचालकों से अपील की कि वे अपने संस्थानों में आगजनी की रोकथाम को लेकर जरूरी सुरक्षा उपायों को अपनाएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर विभाग को सूचना दें। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही आगजनी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।





