हिसार, 01 जुलाई।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में 7 स्वास्थ्य परियोजनाओं व 325 अमृत सरोवरों का एक साथ उद्घाटन जल संरक्षण एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। लघु सचिवालय के वीसी सभागार में स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभांरभ व अमृत सरोवर उद्घाटन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर योजना केवल तालाब निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने, पर्यावरण, जैव विविधता और ग्रामीण विकास का व्यापक अभियान है।
मंत्री गंगवा ने कहा कि अमृत सरोवरों से गांवों में पेयजल संकट दूर होगा, किसानों को सिंचाई और पशुओं को पर्याप्त पानी मिलेगा। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘कैच द रेन’ अभियान को धरातल पर उतारेगी और आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार बनेगी। हिसार मे भी बुधवार को लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बाडो रागडान, हरिकोट, भेरियां व जाखोद खेड़ा के 4 अमृत सरोवरों का लोकापर्ण किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, धरातल पर विकास करती है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सडक़, सिंचाई और पर्यावरण में हरियाणा नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं और योजनाओं का लाभ पात्र तक पहुंचाएं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 7 स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। स्वस्थ नागरिक ही विकसित राष्ट्र की ताकत हैं। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचाई हैं। आधुनिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। आयुष्मान भारत योजना से पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख तक कैशलेस इलाज मिल रहा है। चिरायु हरियाणा योजना से उन लाखों परिवारों को भी कवर किया गया जो पहले वंचित थे।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज बढ़ रहे हैं, अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। डायलिसिस, कैंसर, हृदय रोग के इलाज का विस्तार हुआ है। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण अभियान और आयुष सेवाएं मजबूत की गई हैं। नई 7 परियोजनाओं में अस्पतालों का ढांचा मजबूत करना, नई चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार शामिल है।
इस अवसर पर विधायक सावित्री जिंदल, महापौर प्रवीण पोपली, उपायुक्त महेंद्र पाल, एडीसी शालिनी चेतल, एसीयूटी विवेक यादव, भूपेंद्र पनिहार, पूर्व चेयरमैन सतवीर वर्मा, ब्लॉक समिति चेयरमैन अजय गावड़, जिला परिषद डिप्टी सीईओ कीर्ति सिरोहीवाल, ललित शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





