हिसार, 23 जून।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने राजस्व अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर सभी लंबित इंतकालों का निपटारा करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार छुट्टी के दिनों में भी विशेष शिविर लगाकर पेंडेंसी को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। वे मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्चुअल रूप से पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत करने उपरांत सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार की बैठक को संबोधित कर रहे थे। गौरतलब है कि 1 नवंबर 2025 को पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली लागू की गई थी, मंगलवार को कुछ और सुधारो के साथ इसके दूसरे चरण की शुरुआत की गई है। अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को भी इसमें जोड़ा गया है। साथ ही रजिस्ट्री के लिए आवेदन फार्म को भी पहले से अधिक सरल बनाया गया है। बैठक में उपायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि जिन मामलों में खेवट विभाजन की जरूरत नहीं होगी उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल मंजूर करना सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी हो, उनमें 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान करें। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लिए आधार ई केवाईसी अनिवार्य होगी ताकि पहचान की पुष्टि हो सके। उपायुक्त ने कहा कि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में यदि स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता हो तो अब वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि कर नियुक्त कर सकता है। नई प्रणाली में डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से भरा जा सकेगा। नई प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने बताया कि डीटीपी और एनओसी के लिए अलग से दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी, इसके लिए विभागीय सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। नई प्रणाली में आरसी एक एवं आरसी दो के कार्यों को इकट्ठा कर दिया गया है। नई प्रणाली में अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया एक दूसरे से जुड़ जाएगी और अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे तथा इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।





