गुरुग्राम, 22 जून।
जिले में जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, जनजागरूकता अभियानों तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तय समयसीमा में प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को इनका अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में सिविल सर्जन डॉ लोकवीर सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में डिप्टी सीएमओ डॉ जयप्रकाश ने आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि 28 से 30 जून तक जिले में विशेष पोलियो उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत पांच वर्ष तक की आयु के 3 लाख 97 हजार 265 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1613 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 1175 चार सदस्यीय तथा 313 दो सदस्यीय बूथ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 155 मोबाइल टीमें और 50 ट्रांजिट टीमें भी गठित की गई हैं, जो बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, निर्माण स्थलों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगी। अभियान के सफल संचालन के लिए 5736 वैक्सीनेटर और 300 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे, जबकि 501 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से कवर किया जाएगा।
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से प्रवासी परिवारों, झुग्गी बस्तियों तथा निर्माण स्थलों पर रहने वाले बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर टीबी मरीजों की पहचान, उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। एडीसी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने मरीजों की नियमित निगरानी, संपर्क में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान 16 जून से 31 जुलाई तक चलाए जा रहे स्टॉप डायरिया अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत बच्चों में डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए ओआरएस और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से परिवारों को स्वच्छता, हाथ धोने की आदत और सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। एडीसी ने निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए अभियान को गांवों और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।
बैठक में इबोला जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने कहा कि भले ही जिले में ऐसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में आइसोलेशन सुविधाओं, आवश्यक दवाओं, सुरक्षा उपकरणों तथा चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक तैयारियां हर समय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। एडीसी सोनू भट्ट ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा गतिविधियां तथा जलभराव वाले स्थानों की निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही आमजन को साफ-सफाई बनाए रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने तथा बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करने के प्रति जागरूक किया जाए।
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रम सीधे आमजन के जीवन से जुड़े हैं, इसलिए सभी विभाग समन्वित दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को नियमित समीक्षा, प्रभावी निगरानी और जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





